Hello My Friend Aapka welcome
Monday, 12 December 2011
Friday, 9 December 2011
yash kumar
har rishte ko aajmaya hai hamne,
kuchh paya par bahut kuchh khoya hai hamne,
har shaks ne rulaya hai hamko,
jisko dil se chaha hai hamne
ham bhool jaye unko yesi hasrat kanha,
wo yaad kare hamko usko fursat kanha,
jinke charo taraf ho apno ka sath,
unko ab hamari jaroort kanha
Ek ensan ajeeb tha.
Kabhi hamare bhi kareeb tha,
Jab ham chahane lage use,
To pata chala wo ki dusare ka naseeb tha.
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Monday, 5 December 2011
news yash kumar
हरे पेड़ हर रोज कटे जा रहे है, लेकिन उनके स्थान नए पौधे नहीं लगाये जा रहे है / बरसात के महीनो में भी या किसी मौसम में पेड़ लगाने के बारे में नहीं सोचा जाता / सरकारी या गैर सरकारी संगठन एवं स्वयंसेवी संस्थाए अखबारों में छपने के लिए पौधा रोपड़ तो करते है,लेकिन देखभाल न होने के कारण लगाने के एक दो माह के बाद उनका आस्तित्व समाप्त हो जाता है / सरकार को ग्रामीण इलाकों में प्रधानो को पर्यावरण की देखभाल के लिए जानकारी देनी चाहिए /
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Friday, 2 December 2011
yash kumar
( जब हम जीवन में कामयाब होते है तो अपनों को पता चलता है की हम कौन है, और जब हम नाकामयाब होते है , तो हमें पता चलता है की अपना कौन है.)
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yash kumar
यादे आंसू होती तो छलक जाती,
यादे लिखावट होती तो मिट जाती,
यादे तो ज़िन्दगी में बसा एहसास है,
जो लाख कोशिश के बाद भी लफ्जो में नहीं सिमट पाती.
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Thursday, 1 December 2011
yash kumar
दिल बोला आँख से देखा करो कम,
क्योंकि देखती हो आप और तडपते है हम,
आँख बोली दिल से चाहा करो कम,
क्योंकि चाहते हो आप और रोते है हम.
क्योंकि देखती हो आप और तडपते है हम,
आँख बोली दिल से चाहा करो कम,
क्योंकि चाहते हो आप और रोते है हम.
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